तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार रात एक राजनीतिक रैली के दौरान भारी भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह रैली अभिनेता से नेता बने विजय की थी, जो हाल ही में राजनीति में कदम रख चुके हैं और अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। रैली में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन अचानक बिजली गुल हो जाने से अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विजय मंच पर भाषण दे रहे थे तभी अचानक मैदान में बिजली चली गई और चारों ओर अंधेरा छा गया। अंधेरे में लोग घबरा गए और बचने के लिए भागने लगे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और नीचे दबकर जान गंवा बैठे। कई घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन कुछ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मरने वालों में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन ने इस रैली के लिए 30,000 लोगों की अनुमति दी थी, लेकिन मैदान में करीब 60,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इससे साफ है कि आयोजन से पहले भीड़ के सही आकलन और व्यवस्था में लापरवाही बरती गई। रैली पहले करूर शहर के बीच में होनी थी, लेकिन ट्रैफिक और सुरक्षा को लेकर अंतिम समय में इसे वेलुसामीपुरम में शिफ्ट किया गया था। हालांकि नया स्थान भी इतनी बड़ी भीड़ को संभालने में सक्षम नहीं था।
जिला प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौके से जुटाए गए वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि गलती कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। शुरुआती जांच में भीड़ नियंत्रण में बड़ी चूक सामने आई है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने माना है कि इतनी भीड़ के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
तमिलनाडु सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। सभी घायलों का इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में कराया जा रहा है। कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
इस हादसे पर देश के शीर्ष नेताओं ने शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि करूर में हुई यह घटना बेहद दुखद है और वह शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना भी की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और गहरी संवेदना व्यक्त की।
विजय ने खुद इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे दुखद दिन है और वह इस हादसे से बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है और कई सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े आयोजन के लिए पर्याप्त योजना और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि इस हादसे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।